क्या आप भी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन की कमी से घबराते हैं? अब चिंता छोड़ दीजिए! भारत सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक क्रांति लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। PM-E-DRIVE योजना 2025 के तहत, पूरे देश में 72,300 नए EV चार्जिंग स्टेशन लगाने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई है। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि भारत को ‘ग्रीन मोबिलिटी’ (हरित गतिशीलता) की दिशा में ले जाने का एक मजबूत संकल्प है। आइए, जानते हैं इस योजना की खास बातें और यह आपके जीवन को कैसे बदलेगी।

सरकार का लक्ष्य: 72,300 EV चार्जिंग स्टेशन – रेंज एंग्जायटी होगी खत्म!
PM-E-DRIVE योजना का मुख्य लक्ष्य देशभर में सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। सरकार ने 72,300 नए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन, बैटरी स्वैपिंग और बैटरी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह संख्या देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करने और सबसे बड़ी बाधा—‘रेंज एंग्जायटी’ (यानी चार्ज खत्म होने की चिंता)—को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शहर और हाईवे पर कहाँ-कहाँ लगेंगे EV चार्जिंग स्टेशन?
यह योजना सुनिश्चित करती है कि चार्जिंग स्टेशन हर जगह उपलब्ध हों, ताकि लंबी दूरी की यात्रा भी सुगम हो सके।
| प्राथमिकता वाले स्थान | योजना की प्राथमिकता | सब्सिडी |
| शहरों में | 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर, राज्य की राजधानियाँ, स्मार्ट सिटी और मेट्रो से जुड़े सैटेलाइट टाउन। | सरकारी परिसरों में 100% तक सब्सिडी (जनता के लिए मुफ्त उपलब्ध होने पर)। |
| हाईवे पर | उच्च घनत्व वाले परिवहन गलियारे, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग, टोल प्लाजा, और पेट्रोल पंप। | पेट्रोल पंप, बस स्टेशन, टोल प्लाजा पर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 80% और चार्जर के लिए 70% सब्सिडी। |
| अन्य स्थान | रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, बाजार। | शॉपिंग मॉल/बाजारों में अपस्ट्रीम इंफ्रास्ट्रक्चर पर 80% तक सब्सिडी। |
इंफोग्राफिक का विचार (A Map/Chart Concept for Visuals):
आप एक भारत का नक्शा बना सकते हैं जिसमें प्रमुख नेशनल हाईवे और मेट्रो शहरों को हाइलाइट करके दिखाया जाए कि इन क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन की सघनता सबसे अधिक होगी।
- नक्शे में: 10 लाख+ आबादी वाले शहरों को बड़े सर्किल से और प्रमुख नेशनल हाईवे को हरी रेखा से दिखाएँ।
- चार्ट में: 72,300 स्टेशनों के लक्ष्य को दर्शाते हुए एक बार चार्ट (Bar Chart) बना सकते हैं, जिसमें दिखाया जाए कि शहरों और हाईवे के लिए कितने-कितने स्टेशन प्रस्तावित हैं।

EV चार्जिंग स्टेशन से जनता और पर्यावरण को क्या फायदा?
PM-E-DRIVE योजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, इसके दूरगामी लाभ हैं:
जनता के लिए लाभ:
- सस्ता सफर: पेट्रोल-डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन चलाना बहुत सस्ता होता है। चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता से EV अपनाने वालों की संख्या बढ़ेगी, जिससे लोगों का ईंधन खर्च कम होगा।
- सुविधा और समय की बचत: अब चार्जिंग के लिए लंबी लाइनें नहीं लगानी पड़ेंगी। बेहतर कवरेज से किसी भी शहर या हाईवे पर चार्जिंग की सुविधा आसानी से मिल जाएगी।
- रोजगार के अवसर: चार्जिंग स्टेशन लगाने, चलाने और उनके रखरखाव से हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
पर्यावरण के लिए लाभ:
- कम प्रदूषण: इलेक्ट्रिक वाहनों से शून्य टेलपाइप उत्सर्जन होता है, जिससे शहरों में वायु प्रदूषण और धुंध कम होगी।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी: यह योजना भारत को 2070 तक ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी।
- ईंधन आयात पर निर्भरता में कमी: देश की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचेगी और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की अन्य योजनाएँ
PM-E-DRIVE योजना के अलावा, सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देने के लिए कई अन्य पहलें चला रही है:
- FAME-II (फेम-II) योजना: यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर प्रत्यक्ष सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे उनकी शुरुआती लागत कम हो जाती है।
- PLI (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजना:
- PLI-ऑटो: इसका उद्देश्य उन्नत ऑटोमोटिव तकनीक वाले उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
- PLI-ACC: यह योजना देश में उन्नत रसायन सेल (Advanced Chemistry Cell) बैटरी के निर्माण के लिए एक प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने पर केंद्रित है।
- जीएसटी में कमी: इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST दर को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है।
- ग्रीन लाइसेंस प्लेट: बैटरी चालित वाहनों को हरी लाइसेंस प्लेट दी जाती है और उन्हें परमिट की आवश्यकताओं से छूट मिलती है।
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निष्कर्ष
PM-E-DRIVE योजना 2025 भारत के परिवहन क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। 72,300 चार्जिंग स्टेशनों का यह विशाल नेटवर्क न सिर्फ EV मालिकों को सुविधा देगा, बल्कि देश के ऊर्जा भविष्य को भी हरित और आत्मनिर्भर बनाएगा। अगर आप अभी भी दुविधा में हैं, तो ये नई गाइडलाइन्स और व्यापक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर आपको इलेक्ट्रिक क्रांति का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करेंगे!
क्या आप तैयार हैं भारत के इलेक्ट्रिक भविष्य के लिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!

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