वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने PM FME Yojana 2025 के तहत ₹3,700 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। जानें कैसे यह मोदी सरकार की फूड प्रोसेसिंग स्कीम ग्रामीण भारत के छोटे उद्यमियों को 10 लाख तक की सब्सिडी और आसान लोन देकर आत्मनिर्भर बना रही है। अभी आवेदन करें!
नमस्कार! भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम
हाल ही में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME Yojana) के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को ₹3,700 करोड़ से अधिक की राशि जारी करने की घोषणा की है। यह राशि सीधे उन छोटे और माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमियों को सशक्त करेगी, जो ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
यह सिर्फ एक फंड रिलीज नहीं है, बल्कि लाखों स्थानीय खाद्य उद्यमियों के सपनों को उड़ान देने, उनके पुराने उद्यमों को आधुनिक बनाने और उन्हें वैश्विक बाजार के लिए तैयार करने का एक मजबूत कदम है। Modi Government Food Processing Scheme का लक्ष्य स्पष्ट है: लोकल को वोकल (Vocal for Local) बनाना और हर जिले के खास खाद्य उत्पाद को नई पहचान दिलाना।

क्या है PM-FME योजना? आत्मनिर्भर भारत का आधार
PM-FME योजना (Formalisation of Micro Food Processing Enterprises) को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य असंगठित (Unorganized) क्षेत्र के माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को औपचारिक (Formal) ढांचे में लाना है।
छोटे उद्यमियों को कैसे मिल रहा लाभ?
यह योजना हर जिले के एक विशेष उत्पाद (One District One Product - ODOP) पर ध्यान केंद्रित करती है।
- ₹10 लाख तक की सब्सिडी: व्यक्तिगत माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को प्रोजेक्ट कॉस्ट का 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹10 लाख प्रति यूनिट है।
- आसान लोन: बैंक से लोन लेना आसान होता है, जिससे उद्यमी नई मशीनरी खरीद सकते हैं, पैकेजिंग बेहतर कर सकते हैं और अपनी यूनिट का आधुनिकीकरण कर सकते हैं।
- बीज पूंजी (Seed Capital): स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के सदस्यों को छोटे उपकरण खरीदने और कार्यशील पूंजी (Working Capital) के लिए ₹40,000 प्रति सदस्य तक की बीज पूंजी (Seed Capital) प्रदान की जाती है।
- प्रशिक्षण और ब्रांडिंग: उद्यमियों को तकनीकी प्रशिक्षण, उत्पाद की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में भी सहायता मिलती है, जिससे वे बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें।
ग्रामीण भारत में रोजगार क्रांति: सफलता की कहानियाँ
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल उद्यमशीलता को बढ़ावा दे रही है, बल्कि महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है।

उदाहरण के लिए:
- केरल के रुबी फ्रेश स्नैक्स: एक छोटे से मूंगफली लड्डू यूनिट ने PM-FME की सहायता से ₹3 लाख से अधिक का लोन लिया, नई मशीनें खरीदीं, और अब उनका सालाना टर्नओवर ₹32 लाख से अधिक हो गया है।
- महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) सशक्तिकरण: हिमाचल प्रदेश में कई SHG ने बीज पूंजी का उपयोग करके नमकीन, अचार और बेकरी उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाया है, जिससे उन्हें स्थानीय और राज्य स्तर के मेलों में बेचने का मौका मिला है।
ये उद्यमी अब न सिर्फ अपना कारोबार चला रहे हैं, बल्कि 4 से 5 स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। इस प्रकार, Pradhan Mantri Udyam Yojana के तहत यह स्कीम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
PM FME Yojana 2025: पात्रता और आवेदन कैसे करें?
यदि आप एक सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी हैं या नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा अवसर है।
पात्रता (Eligibility):
- मौजूदा माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट (जो कार्यरत हो)।
- नया फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति।
- स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), या सहकारी समितियाँ।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के चरण:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfme.mofpi.gov.in पर जाएं।
- रजिस्ट्रेशन: होमपेज पर
Applicant Login/RegistrationयाRegisterविकल्प पर क्लिक करें। - विवरण भरें: अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल ID और व्यवसाय से संबंधित जानकारी भरें।
- लॉगिन करें: रजिस्ट्रेशन के बाद, यूज़र ID और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
- आवेदन: आवेदन पत्र को ध्यानपूर्वक भरें, आवश्यक दस्तावेज़ (आधार कार्ड, बैंक पासबुक, DPR/प्रोजेक्ट रिपोर्ट, आदि) अपलोड करें।
- बैंक/नोडल अधिकारी से संपर्क: आपका आवेदन संबंधित बैंक या ज़िला संसाधन व्यक्ति (Resource Person) को भेजा जाएगा।
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FAQs
Q1. PM-FME योजना क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. PM-FME का पूरा नाम ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ (Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme) है। यह आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत Modi Government Food Processing Scheme है। इसका मुख्य उद्देश्य असंगठित (Unorganized) क्षेत्र में चल रहे छोटे खाद्य प्रसंस्करण यूनिट्स को वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता देकर औपचारिक (Formal) बनाना और उनका आधुनिकीकरण करना है।
Q2. योजना के तहत मुझे कितनी वित्तीय सहायता मिल सकती है?
A. व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण यूनिट्स को परियोजना लागत (Project Cost) का 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी मिलती है। प्रति यूनिट सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹10 लाख है। लाभार्थी को कम से कम 10% योगदान करना होता है और बाकी राशि बैंक लोन के रूप में मिलती है।
Q3. ₹3,700 करोड़ की राशि क्यों जारी की गई है?
A. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी की गई यह राशि (₹3,700 करोड़ से अधिक) PM-FME योजना के विभिन्न घटकों को लागू करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी गई है। यह सुनिश्चित करता है कि छोटे उद्यमियों को समय पर सब्सिडी, प्रशिक्षण और अन्य सहायता मिल सके, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में Micro Food Industry Support Scheme का विस्तार हो।
Q4. क्या यह योजना नए और मौजूदा, दोनों तरह के व्यवसायों के लिए है?
A. हाँ, यह योजना दोनों के लिए है। यह उन मौजूदा यूनिट्स को अपग्रेड करने में मदद करती है जो पहले से ही काम कर रहे हैं, और साथ ही नए उद्यमियों को अपना फूड प्रोसेसिंग उद्यम स्थापित करने के लिए भी सहायता प्रदान करती है।
Q5. आवेदन करने की पात्रता क्या है?
A. आप एक व्यक्तिगत माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमी (Proprietorship/Partnership) हों, या स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), या सहकारी समिति के सदस्य हों। आपकी यूनिट खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित होनी चाहिए।
Q6. आवेदन कैसे करें?
A. आप योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmfme.mofpi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आपको ‘Applicant Registration’ पर क्लिक करके अपना विवरण भरना होगा और फिर अपने आवश्यक दस्तावेज़ (जैसे DPR, KYC, बैंक विवरण) अपलोड करने होंगे।
Q7. क्या इस योजना में प्रशिक्षण (Training) भी शामिल है?
A. हाँ, PM FME Yojana 2025 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा क्षमता निर्माण है। इसमें खाद्य सुरक्षा मानक, मशीनरी के संचालन, व्यावसायिक प्रबंधन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में उद्यमियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
आपकी बारी है! अभी आवेदन करें और बनें आत्मनिर्भर
PM FME Yojana 2025 Micro Food Industry Support Scheme के तहत यह फंड रिलीज सुनिश्चित करता है कि आपके पास अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए पूंजी की कमी न हो।
ग्रामीण भारत के हर कोने से एक नया उद्यमी, एक नया ब्रांड, और एक नई सफलता की कहानी सामने आ सकती है। इंतजार न करें।
अभी आवेदन करें और भारत की फूड प्रोसेसिंग क्रांति का हिस्सा बनें!

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