जन धन योजना में रिकॉर्ड! 1.11 करोड़ नए खाते खुले — वित्तीय सशक्तिकरण की नई उड़ान

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत चार महीने में 1.11 करोड़ नए बैंक खाते खुले हैं। इससे आर्थिक समावेशन और बीमा योजनाओं का लाभ और अधिक लोगों तक पहुंचा है।

जन धन योजना 2025: हर हाथ में बैंक खाता, हर गरीब को मिली आर्थिक आज़ादी

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) भारत के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की कहानी में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यह योजना, जिसे ‘गरीबों के लिए नई आर्थिक आज़ादी की पहल’ कहा गया है, एक बार फिर अपनी सफलता का परचम लहरा रही है।

हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले सिर्फ चार महीनों में 1.11 करोड़ नए जन धन खाते खोले गए हैं! यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह करोड़ों परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की ओर एक बड़ा कदम है। यह अभूतपूर्व वृद्धि दिखाती है कि देश का हर नागरिक अब बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने के लिए कितना उत्सुक है।

योजना की ऐतिहासिक उपलब्धियां

PMJDY का मुख्य उद्देश्य देश के उन करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था, जो दशकों से इससे वंचित थे। आज यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहलों में से एक बन गई है। यह केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय को एक वित्तीय पहचान और सुरक्षा कवच दे रही है।

नए खातों के आंकड़े और राज्यों की भागीदारी

नवीनतम ‘जन धन योजना 2025 अपडेट’ के अनुसार, 1.11 करोड़ नए खाते खुलने का यह रिकॉर्ड अभूतपूर्व है। इस उपलब्धि में कई राज्यों की सक्रिय भागीदारी रही है, जहाँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जोड़ा गया। इन नए खातों के साथ, योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या एक नए शिखर पर पहुंच गई है, जो ‘PM Modi Bank Account Scheme’ की जमीनी सफलता को दर्शाता है।

बीमा और पेंशन योजनाओं से मिल रही सुरक्षा

जन धन खाते सिर्फ पैसे रखने के लिए नहीं हैं; ये ‘सामाजिक सुरक्षा’ का एक मजबूत गेटवे बन गए हैं। इन खातों के माध्यम से:

  • PMJJBY (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना): करोड़ों खाताधारकों ने नाममात्र के प्रीमियम पर जीवन बीमा का लाभ उठाया है।
  • PMSBY (प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना): बहुत कम लागत पर दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है।
  • APY (अटल पेंशन योजना): लोग अपने बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए पेंशन योजनाओं में भी सीधे इन खातों से निवेश कर रहे हैं।

नए खाते खुलने के साथ-साथ इन तीनों योजनाओं में नए नामांकन (enrollments) में भी भारी वृद्धि देखी गई है।

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डिजिटल इंडिया और फाइनेंशियल सशक्तिकरण

यह मिशन ‘डिजिटल बैंकिंग इंडिया 2025’ के लक्ष्य को भी सीधी गति दे रहा है।

  1. RuPay कार्ड: हर जन धन खाते के साथ मिलने वाले RuPay डेबिट कार्ड ने ग्रामीण भारत में भी डिजिटल लेनदेन को संभव बनाया है।
  2. DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर): सरकारी योजनाओं का पैसा (जैसे- किसान सम्मान निधि, स्कॉलरशिप, सब्सिडी) अब सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचता है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।

यह योजना सही मायनों में हर हाथ को काम और हर हाथ को आर्थिक बल दे रही है।

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FAQs

Q1. जन धन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? A1. इसका मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक को बैंकिंग, क्रेडिट, बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सुविधाओं से जोड़ना है, जिसे ‘वित्तीय समावेशन’ (Financial Inclusion) कहते हैं।

Q2. क्या जन धन खाते में न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) रखना जरूरी है? A2. नहीं, यह पूरी तरह से ‘ज़ीरो बैलेंस’ खाता (Zero Balance Account) होता है। इसमें कोई न्यूनतम राशि रखने की बाध्यता नहीं है।

Q3. इन खातों के साथ और क्या लाभ मिलते हैं? A3. इन खातों में ज़ीरो बैलेंस सुविधा के अलावा, मुफ्त RuPay डेबिट कार्ड, 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर (शर्तों के साथ) और 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट (कर्ज) की सुविधा भी मिलती है।

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