लुधियाना जिले में प्रधानमंत्री श्री स्कूल्स योजना के तहत फंड क्लीयरेंस में देरी हो रही है। नई फंडिंग प्रक्रिया और वेरिफिकेशन के कारण स्कूलों का विकास धीमा पड़ा है।
PM-SHRI योजना: लुधियाना में स्मार्ट क्लासरूम का सपना धीमा क्यों पड़ा?
प्रधानमंत्री श्री स्कूल्स (PM SHRI Schools) योजना को भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक क्रांतिकारी कदम के तौर पर देखा जा रहा है। इस ‘PM Modi Education Scheme’ का लक्ष्य देश भर के सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘स्मार्ट स्कूलों’ में बदलना है। लेकिन, पंजाब के लुधियाना जिले में यह सपना फिलहाल धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

खबरों के मुताबिक, लुधियाना जिले के कई चयनित स्कूल फंडिंग में हो रही देरी से जूझ रहे हैं। बहु-स्तरीय जांच (multi-layer verification) और बिल पास करने की एक नई जटिल प्रक्रिया के कारण स्मार्ट क्लासरूम और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के प्रोजेक्ट्स रुक गए हैं।
क्या है PM-SHRI स्कूल योजना का उद्देश्य?
PM-SHRI (Pradhan Mantri Schools for Rising India) योजना का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की भावना के अनुरूप स्कूलों का विकास करना है। इन स्कूलों को न केवल आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, उन्नत लैब) से लैस किया जाना है, बल्कि यहाँ शिक्षा के तरीकों को भी अनुभवात्मक (experiential) और समग्र (holistic) बनाना है।
लुधियाना में क्यों अटकी है रफ्तार?
‘Ludhiana SHRI School Delay’ की मुख्य वजह योजना के कार्यान्वयन (implementation) में हाल ही में हुए बदलाव हैं।
- बदली हुई फंडिंग प्रक्रिया: रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले फंड सीधे जिला स्तर पर जारी किए जाते थे। लेकिन अब, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, फंड एक नए और अधिक केंद्रीकृत (centralized) चैनल के माध्यम से जारी किए जा रहे हैं।
- बहु-स्तरीय जांच (Multi-layer Verification): फंड का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त ‘मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन’ प्रणाली लागू की गई है। स्कूलों द्वारा खरीदे गए उपकरणों (जैसे कंप्यूटर, स्मार्ट बोर्ड) के बिलों को कई स्तरों पर जांचा और पास किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के कारण, स्कूलों को अपने बिल क्लियर कराने में महीनों का समय लग रहा है, जिससे ‘Smart Schools Funding News’ में देरी की खबरें आ रही हैं।

शिक्षा मंत्रालय का क्या है जवाब?
शिक्षा मंत्रालय ने इस देरी की स्थिति का संज्ञान लिया है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह नई प्रणाली को लागू करने की “शुरुआती बाधा” (teething problem) है।
- मंत्रालय का कहना है कि यह ‘PM SHRI Schools 2025 Update’ फंड के दुरुपयोग को रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी था।
- सरकार ने राज्यों को आश्वासन दिया है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे सुव्यवस्थित (streamline) करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
- जल्द ही इस प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा ताकि ‘Education Infrastructure India’ के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को गति दी जा सके।
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आगे की योजना और उम्मीदें
यह स्पष्ट है कि सरकार स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रक्रियागत देरी एक बड़ी चुनौती बन गई है। उम्मीद है कि शिक्षा मंत्रालय जल्द ही इन बाधाओं को दूर करेगा।
अधिकारियों का लक्ष्य है कि 2025-26 के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अधिकांश स्कूलों में अपग्रेडेशन का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि बच्चों को इन आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलना शुरू हो सके।
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FAQs
Q1. PM SHRI स्कूल्स क्या हैं? A1. ये वे सरकारी स्कूल हैं जिन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुसार आधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट क्लासरूम और उन्नत शिक्षण विधियों के साथ ‘आदर्श’ स्कूलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
Q2. लुधियाना में फंड देरी का मुख्य कारण क्या है? A2. इसका मुख्य कारण नई वेरिफिकेशन प्रणाली और फंड चैनलिंग प्रक्रिया में बदलाव है, जिसे पारदर्शिता के लिए लागू किया गया है, लेकिन इससे प्रक्रिया धीमी हो गई है।
Q3. यह समस्या कब तक हल होगी? A3. शिक्षा मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि यह एक शुरुआती समस्या है और वेरिफिकेशन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।

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