PM-Kisan से बाहर हुए 70 लाख किसान — जानें हटाए जाने की बड़ी वजह!

PM-Kisan सत्यापन में अनियमितता मिलने पर सरकार ने 70 लाख नाम हटाए हैं। किसान अपनी जानकारी सही कर फिर से सूची में शामिल हो सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए एक बड़े सत्यापन अभियान (Verification Drive) के बाद, करीब 70 लाख लाभार्थियों के नाम योजना से हटा दिए गए हैं।

अगर आपकी भी किस्त रुक गई है या स्टेटस में कोई बदलाव दिख रहा है, तो हो सकता है कि आप भी इस छंटनी की जद में आ गए हों। आखिर सरकार ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और अब किसान क्या कर सकते हैं? आइए जानते हैं विस्तार से।

क्यों हटाए गए 70 लाख नाम?

सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों तक ही पहुंचे। हाल ही में हुए भौतिक और डिजिटल सत्यापन में कई गड़बड़ियां पाई गईं, जिसके कारण इन नामों को हटाया गया है:

  1. अपात्र भूमिधारक (Ineligible Landholders): कई ऐसे लोग लाभ ले रहे थे जो संवैधानिक पदों पर हैं, सरकारी नौकरी करते हैं या आयकर दाता (Income Tax Payers) हैं। ऐसे लोग योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
  2. डुप्लीकेट एंट्री (Duplicate Entries): कई मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्य या पति-पत्नी दोनों अलग-अलग आवेदन कर लाभ ले रहे थे, जबकि नियमनुसार परिवार में केवल एक ही व्यक्ति को लाभ मिल सकता है।
  3. बटाईदार/किराएदार (Tenants without Ownership): PM-Kisan का लाभ केवल उन किसानों को मिलता है जिनके नाम पर खेती की जमीन के कागजात (खतौनी) हैं। जो लोग दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं (बटाईदार), वे इसके पात्र नहीं हैं।
  4. आधार मिसमैच (Aadhaar Mismatch): आवेदन में दिया गया नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर होने के कारण भी लाखों आवेदन रद्द किए गए हैं।
  5. फर्जी दस्तावेज: गलत या पुराने जमीन के दस्तावेज लगाकर लाभ लेने वालों को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

किसान क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आप वास्तव में पात्र किसान हैं और आपका नाम गलती से कट गया है, तो घबराएं नहीं। आप इन तरीकों से अपनी जानकारी सही करवा सकते हैं:

  • ऑनलाइन सुधार (Online Correction):
    • PM-Kisan की वेबसाइट [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाएं।
    • ‘Farmers Corner’ में ‘Updation of Self Registered Farmers’ या ‘Name Correction as per Aadhaar’ विकल्प चुनें।
    • आधार नंबर डालकर अपना नाम और अन्य विवरण सही करें।
  • ऑफलाइन तरीका (Offline Method):
    • अपने ब्लॉक (Block Office) के कृषि अधिकारी या नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
    • अपने जमीन के असली दस्तावेज (खतौनी/जमाबंदी), आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी जमा करें।
    • लेखपाल या पटवारी से अपनी जमीन का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करवाएं।

स्टेटस जरूर चेक करें

यह जानने के लिए कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं:

  1. पोर्टल पर ‘Beneficiary List’ पर क्लिक करें।
  2. अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव चुनें।
  3. लिस्ट में अपना नाम देखें। अगर नाम नहीं है, तो तुरंत ऊपर बताए गए सुधार के कदम उठाएं।

सरकार का संदेश

कृषि मंत्रालय ने साफ किया है कि यह कदम करदाताओं के पैसे को बचाने और सही किसानों तक मदद पहुंचाने के लिए उठाया गया है। जो लोग गलत तरीके से पैसा ले रहे थे, उनसे वसूली (Recovery) के नोटिस भी भेजे जा रहे हैं। लेकिन असली किसानों को डरने की जरूरत नहीं है, वे सत्यापन करवाकर अपनी रुकी हुई किस्तें पा सकते हैं।

अगला कदम

“कहीं आपका नाम भी तो लिस्ट से गायब नहीं हुआ? अभी अपना स्टेटस चेक करें और दस्तावेज सही करें!”

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. 70 लाख किसानों को क्यों हटाया गया?
गलत दस्तावेज, डुप्लीकेट एंट्री, करदाता होने और गैर-किसान लाभार्थी (जैसे बटाईदार) होने के कारण इन्हें हटाया गया है।

Q2. क्या नाम फिर से जोड़ा जा सकता है?
हाँ, अगर आप पात्र हैं और गलती से नाम कटा है, तो आप पुनः सत्यापन (Re-verification) करवाकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

Q3. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा नाम कट गया है?
PM-Kisan पोर्टल पर ‘Beneficiary List’ में अपना नाम चेक करें या ‘Know Your Status’ में देखें कि आपका खाता ‘Active’ है या ‘Inactive’।

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