2026 से PMFBY में बड़ा बदलाव — जंगली जानवरों से नुकसान भी होगा कवर!

खरीफ 2026 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में जंगली जानवरों के हमले और धान की डूबान से होने वाले नुकसान को भी शामिल किया गया है। जानें इस बड़े बदलाव का फायदा।

देश के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत सूखा, बाढ़ या ओलावृष्टि जैसे नुकसान कवर होते थे, लेकिन अब सरकार ने योजना का दायरा बढ़ा दिया है।

खरीफ 2026 (Kharif 2026) सीजन से फसल बीमा में दो नए और महत्वपूर्ण जोखिमों को शामिल किया जा रहा है: जंगली जानवरों द्वारा फसल की बर्बादी और धान के खेतों में जलभराव (Inundation)

यह फैसला विशेष रूप से उन किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनके खेत जंगलों के पास हैं या निचले इलाकों में हैं। आइये जानते हैं इन नए नियमों के बारे में।

1. जंगली जानवरों से नुकसान (Wild Animal Attacks)

पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों की सबसे बड़ी समस्या नीलगाय, हाथी, सुअर और बंदर जैसे जंगली जानवर हैं। ये जानवर रातों-रात पूरी फसल बर्बाद कर देते थे, और अब तक इसे ‘प्राकृतिक आपदा’ न मानकर बीमा क्लेम नहीं दिया जाता था।

  • नया नियम: अब इसे एक ‘एड-ऑन’ (Add-on) कवर के रूप में या मुख्य योजना के तहत शामिल किया जाएगा।
  • फायदा: अगर जंगली जानवर खेत में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं, तो सर्वे के बाद बीमा कंपनी को मुआवजा देना होगा।

2. धान की डूबान (Paddy Inundation)

बाढ़ आने पर खेत में पानी भर जाना आम है, लेकिन कई बार बारिश थमने के बाद भी खेत में कई दिनों तक पानी खड़ा रह जाता है, जिससे खड़ी फसल (खासकर धान) सड़ने लगती है।

  • नया नियम: अब ‘Inundation’ यानी जलभराव को भी एक विशिष्ट जोखिम माना जाएगा।
  • किसे मिलेगा लाभ: यह उन क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत है जहां जलनिकासी (Drainage) की व्यवस्था खराब है या जो बाढ़ प्रभावित इलाके (जैसे बिहार, असम, पूर्वी उत्तर प्रदेश) हैं।

यह बदलाव कब से लागू होगा?

किसानों को ध्यान देना चाहिए कि ये नियम मौजूदा सीजन के लिए नहीं हैं। कृषि मंत्रालय के अपडेट के अनुसार, यह विस्तारित सुरक्षा खरीफ सीजन 2026 (Kharif 2026) से लागू होगी।

यानी, 2026 की मानसून बुवाई के समय जब आप बीमा करवाएंगे, तो आपको ये सुविधाएं मिलेंगी।

किसानों पर इसका क्या असर होगा?

  1. पहाड़ी और दूरदराज के इलाके: उत्तराखंड, हिमाचल, और मध्य भारत के आदिवासी क्षेत्रों में जहां जानवरों का आतंक है, वहां खेती करना सुरक्षित होगा।
  2. कम जोखिम: किसान अब बिना डर के उन जमीनों पर भी खेती कर सकेंगे जो पहले असुरक्षित मानी जाती थीं।
  3. आर्थिक सुरक्षा: फसल बर्बाद होने पर अब किसान पूरी तरह से बेसहारा नहीं होंगे।

अगला कदम (Call to Action)

“यह जानकारी अपने साथी किसानों तक पहुंचाएं! 2026 के लिए तैयार रहें और अपने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या बीमा खाते को अपडेट रखें।”

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. नए बीमा कवर नियम कब से लागू होंगे?
ये बदलाव खरीफ 2026 के सीजन से लागू होंगे।

Q2. क्या जंगली जानवरों से हुए हर नुकसान का पैसा मिलेगा?
इसके लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन (Survey) किया जाएगा और यह योजना के अधिसूचित नियमों के तहत कवर होगा।

Q3. धान की डूबान (Inundation) का क्या मतलब है?
इसका मतलब है खेत में अधिक समय तक पानी भरा रहना, जिससे पौधे गल जाएं या उत्पादन प्रभावित हो। अब इसका भी क्लेम मिलेगा।

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