PM DevINE Yojana, Mizoram Bypass, North East Vikas Yojna, PM Modi Yojna Update
पूर्वोत्तर भारत, अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए जाना जाता है, लेकिन यह क्षेत्र लंबे समय तक बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के मामले में देश के अन्य हिस्सों से पीछे रहा है। इस अंतर को पाटने और क्षेत्र के त्वरित, समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र सरकार ने पीएम-डिवाइन (PM-DevINE – Prime Minister’s Development Initiative for North East Region) योजना की शुरुआत की है।
हाल ही में, इस योजना के अंतर्गत मिज़ोरम की राजधानी आइजोल में 45 किलोमीटर लंबे बाईपास का उद्घाटन पूर्वोत्तर के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह बाईपास न केवल शहर के ट्रैफिक को कम करेगा बल्कि पूरे राज्य की कनेक्टिविटी को भी नई दिशा देगा।
योजना का उद्देश्य: पूर्वोत्तर बुनियादी ढांचा विकास (North East Infrastructure Development)

पीएम-डिवाइन योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2022-23 में की गई थी और इसे 100% केंद्रीय वित्त पोषण के साथ एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना के रूप में मंज़ूरी मिली है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए उत्प्रेरक का काम करना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- बुनियादी ढांचे का वित्त पोषण: ‘पीएम गति शक्ति’ की भावना के अनुरूप, यह योजना बड़े और व्यापक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को वित्त पोषित करती है।
- सामाजिक विकास: पूर्वोत्तर क्षेत्र की ज़रूरतों के आधार पर सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन करना।
- आजीविका के अवसर: युवाओं और महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका की गतिविधियों को सक्षम बनाना और रोज़गार के अवसर पैदा करना।
- विकास अंतराल को भरना: विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों के बीच मौजूद विकास संबंधी अंतरालों को दूर करना।
मिज़ोरम आइजोल में 45 किमी बाईपास का महत्वमिज़ोरम की राजधानी आइजोल एक पहाड़ी शहर है, जहाँ सीमित सड़कों के कारण अक्सर भारी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। पीएम-डिवाइन योजना के तहत ₹500 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित 45 किलोमीटर लंबा आइजोल बाईपास सड़क (पश्चिमी दिशा) इस समस्या का एक स्थायी समाधान है।
इसका महत्व:
ट्रैफिक और कनेक्टिविटी पर असर
यह बाईपास आइजोल शहर के अंदर प्रवेश किए बिना वाहनों को शहर के चारों ओर से निकलने की सुविधा देगा।
- शहर को जाम से मुक्ति: बाईपास के चालू होने से शहर के अंदरूनी हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
- सुधरी हुई कनेक्टिविटी: यह बाईपास लुंगलेई, सियाहा, लवंगतलाई, लेंगपुई हवाई अड्डा और नए सायरंग रेलवे स्टेशन सहित दक्षिणी जिलों तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
- यात्रा समय में कमी: इससे दक्षिणी जिलों से आइजोल की यात्रा का समय लगभग 1.5 घंटे तक कम हो जाएगा, जो वाणिज्य और परिवहन के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
योजना के अंतर्गत चल रहे अन्य प्रोजेक्ट

पीएम-डिवाइन योजना के तहत न केवल सड़क निर्माण, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएँ शुरू की गई हैं।
कुछ अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट (उदाहरण के लिए):
| राज्य | प्रोजेक्ट का प्रकार | परियोजना का विवरण |
| मिज़ोरम | सड़क और आधारभूत संरचना | 45 किमी आइजोल बाईपास (NH-108 से आइजोल-लुंगलेई रोड तक)। |
| मिज़ोरम | आजीविका | बाँस लिंक सड़कों का निर्माण (जैसे: तुईरियाल एयरफील्ड से नॉर्थ चालतलांगा तक), जिससे स्थानीय बाँस उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। |
| नागालैंड | अपशिष्ट प्रबंधन | दीमापुर में सीवेज प्रबंधन और जल निकासी प्रणाली का विकास। |
| मणिपुर | स्वास्थ्य सेवा | इम्फाल ईस्ट में ‘वर्गीकृत और उन्नत स्वास्थ्य सेवा’ के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण। |
| असम | सामाजिक विकास | गुवाहाटी में ‘इलाके-विशिष्ट बायोगैस संयंत्रों’ का पायलट प्रोजेक्ट। |
यह योजना भविष्य में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों और सरकारी स्कूलों में व्यापक सुविधाओं जैसे सामाजिक-आर्थिक प्रभाव वाली परियोजनाओं को भी समर्थन देगी।
भविष्य में युवाओं और व्यापार पर इसका लाभ
बेहतर बुनियादी ढांचा किसी भी क्षेत्र के लिए विकास का प्रवेश द्वार होता है। पीएम-डिवाइन योजना के तहत हो रहे विकास का पूर्वोत्तर के युवाओं और व्यापार पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
व्यापार और अर्थव्यवस्था पर लाभ
- बेहतर लॉजिस्टिक्स: बाईपास और रेल कनेक्टिविटी जैसे प्रोजेक्ट से माल की आवाजाही तेज, सस्ती और अधिक विश्वसनीय होगी। इससे क्षेत्र के व्यवसायों के लिए देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचना आसान होगा।
- पर्यटन को बढ़ावा: सुगम सड़कों से पूर्वोत्तर की प्राकृतिक सुंदरता तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- औद्योगिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश आकर्षित होगा, जिससे नए उद्योग स्थापित होंगे और कृषि उत्पादों (जैसे बाँस उत्पाद, बागवानी) का निर्यात बढ़ेगा।
युवाओं पर सकारात्मक असर
- रोजगार सृजन: बुनियादी ढांचे के निर्माण और औद्योगिक विकास से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से नए रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।
- पलायन में कमी: बेहतर आजीविका के अवसरों के कारण युवाओं को नौकरी की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करने की ज़रूरत कम होगी, जिससे वे अपने गृह क्षेत्र के विकास में योगदान दे सकेंगे।
- कौशल विकास: योजना में सामाजिक विकास के तहत कौशल विकास और शिक्षा संबंधी पहल भी शामिल हैं, जो युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेंगी।
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पीएम-डिवाइन योजना पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए सिर्फ एक फंडिंग योजना नहीं है, बल्कि यह एक परिवर्तनकारी पहल है जो क्षेत्र की जीवनरेखा को मजबूत कर रही है। मिज़ोरम में 45 किमी बाईपास का उद्घाटन इस बात का प्रमाण है कि सरकार पूर्वोत्तर के विकास को कितनी उच्च प्राथमिकता दे रही है। यह पहल पूर्वोत्तर को देश के विकास का एक शक्तिशाली इंजन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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