किसानों के लिए मोदी सरकार का दिवाली गिफ्ट— ₹42,000 करोड़ की योजना लॉन्च!

PM धन धान्य योजना: किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, जानें पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को दिवाली से पहले ₹42,000 करोड़ की सौगात दी है। लॉन्च हुई ‘PM धन धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन उत्पादकता मिशन’ से किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि में आत्मनिर्भरता आएगी। जानें योजना के फायदे और PM Kisan 21वीं किस्त का अपडेट।

दिवाली से पहले किसानों को मिला ₹42,000 करोड़ का ‘महा-उपहार’

त्योहारों के इस मौसम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के करोड़ों किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। दिल्ली में आयोजित एक विशेष कृषि कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए ₹42,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं और योजनाओं का शुभारंभ किया। इस पैकेज में दो प्रमुख योजनाएं शामिल हैं: ‘PM धन धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’

इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, छोटे किसानों को आर्थिक संबल देना और ग्रामीण आय को मजबूत करना है, ताकि भारत कृषि क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन सके।

PM धन धान्य कृषि योजना (₹24,000 करोड़) – क्या है खास?

पीएम धन धान्य कृषि योजना ₹24,000 करोड़ के आवंटन के साथ शुरू की गई है। यह योजना विशेष रूप से 100 चयनित आकांक्षात्मक जिलों (Aspirational Districts) में कृषि के समग्र विकास पर केंद्रित है।

मुख्य उद्देश्य और लाभ:

  1. उत्पादकता में वृद्धि: उन्नत कृषि तकनीकों और उपकरणों को बढ़ावा देकर फसल की पैदावार बढ़ाना।
  2. फसल विविधीकरण (Crop Diversification): किसानों को गेहूं-धान के पारंपरिक चक्र से बाहर निकलकर अधिक लाभकारी और टिकाऊ फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
  3. बुनियादी ढांचा सुधार: पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कटाई के बाद के भंडारण (Post-Harvest Storage) सुविधाओं में सुधार करना।
  4. सिंचाई और ऋण: सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाना और किसानों के लिए लंबी अवधि के साथ-साथ अल्पकालिक ऋण (Credit) की उपलब्धता को आसान बनाना।
  5. छोटे किसानों को सशक्तिकरण: योजना का फोकस छोटे और सीमांत किसानों पर है, ताकि उनकी आय को मजबूती दी जा सके।

लक्ष्य जिले: यह योजना देश के 100 चयनित जिलों में लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य इन जिलों में कृषि से जुड़ी 36 योजनाओं को संतृप्ति (Saturation) के आधार पर लागू करना है, जिससे सीधे 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (₹11,440 करोड़) – दालों में आत्मनिर्भरता

दूसरा बड़ा कदम ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ है, जिसके लिए ₹11,440 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक होने के बावजूद, आयात पर निर्भर रहता है। इस मिशन का लक्ष्य इस निर्भरता को खत्म करना है।

कैसे होगा फायदा:

  • उत्पादन लक्ष्य: वर्ष 2030-31 तक दालों का उत्पादन वर्तमान 252.38 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन तक पहुंचाना।
  • उच्च उपज बीज: किसानों को दलहन की उच्च उपज देने वाली और रोग प्रतिरोधी (Disease-tolerant) बीज किस्में वितरित की जाएंगी।
  • रकबा विस्तार: दालों की खेती का क्षेत्र (Area Under Cultivation) बढ़ाया जाएगा।
  • निश्चित खरीद: सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 100% दालों की खरीद सुनिश्चित करेगी, जिससे किसानों को निश्चित आय मिलेगी।
  • फोकस फसलें: विशेष रूप से अरहर (तूर), उड़द और मसूर के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

यह मिशन न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि देश की पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) को भी मजबूत करेगा।

PM Kisan 21वीं किस्त: क्या है लेटेस्ट अपडेट?

PM मोदी द्वारा इतनी बड़ी कृषि योजनाओं की शुरुआत के बीच, PM किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त का इंतजार भी खत्म होने वाला है।

  • संभावित तिथि: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार दिवाली से पहले यानी अक्टूबर 2025 के तीसरे सप्ताह (20 अक्टूबर तक) किसानों के खातों में 21वीं किस्त (₹2000) जारी कर सकती है।
  • ज़रूरी काम: जिन किसानों ने अभी तक अपनी E-KYC और लैंड सीडिंग पूरी नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लें, अन्यथा उनकी किस्त अटक सकती है। 100 आकांक्षात्मक जिलों में पीएम किसान का लाभ सभी पात्र किसानों तक पहुंचाना भी ‘पीएम धन धान्य कृषि योजना’ का एक लक्ष्य है।

योजना के लिए आवेदन कैसे करें और पात्रता

पात्र किसान:

  • ‘PM धन धान्य कृषि योजना’ का लाभ मुख्य रूप से 100 चिन्हित आकांक्षात्मक जिलों के किसानों को मिलेगा।
  • छोटे और सीमांत किसान इस योजना के केंद्र में हैं।
  • ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के तहत दलहन की खेती करने वाले सभी किसान लाभ उठा सकते हैं।

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आवेदन/पंजीकरण:

चूंकि यह एक व्यापक पैकेज है जो कई मौजूदा सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर लागू किया जा रहा है, इसलिए इसके तहत सीधे ‘आवेदन’ करने की प्रक्रिया अलग-अलग घटकों पर निर्भर करेगी:

  • किसानों को सब्सिडी, उन्नत बीज, और भंडारण सुविधा के लिए अपने ब्लॉक/जिला कृषि कार्यालय में संपर्क करना होगा।
  • पीएम किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) और FPO (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से भी किसानों को जोड़ा जाएगा।

आज ही अपना स्टेटस चेक करें और लाभ लें!

FAQs

प्रश्न: PM धन धान्य कृषि योजना का कुल आवंटन कितना है? उत्तर: योजना का कुल आवंटन ₹24,000 करोड़ है।

Q1. योजना कितने जिलों में लागू होगी?
उत्तर: यह योजना पहले चरण में 100 आकांक्षात्मक (Aspirational) जिलों में लागू की जाएगी।

Q2. दलहन मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: दलहन मिशन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030-31 तक दालों के उत्पादन को 350 लाख टन तक बढ़ाकर भारत को दलहन में आत्मनिर्भर बनाना है।

Q3. PM Kisan 21वीं किस्त कब आ सकती है?
उत्तर: रिपोर्ट्स के अनुसार, 21वीं किस्त 20 अक्टूबर 2025 (दिवाली से पहले) तक किसानों के खातों में आने की संभावना है।

Q4. योजना के लाभ के लिए किसे संपर्क करें?
उत्तर: योजना के विभिन्न घटकों का लाभ लेने के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग, ब्लॉक कार्यालय या नजदीकी PMKSK/FPO (किसान उत्पादक संगठन) से संपर्क कर सकते हैं।

PM Kisan Beneficiary Status चेक करें और अन्य योजनाओं के लिए अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय में आवेदन करें!

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