जानें क्या है पीएम मोदी द्वारा लॉन्च की गई बिहार की गेम-चेंजिंग जीविका निधि योजना। ₹105 करोड़ के सीधे ट्रांसफर से यह पहल राज्य में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देगी और ‘जीविका दीदियों’ को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी।
बिहार की महिलाओं के लिए एक नया सवेरा: PM मोदी ने लॉन्च की ‘जीविका निधि’ और भेजे ₹105 करोड़

महिला सशक्तिकरण की ओर एक डिजिटल छलांग
ग्रामीण उद्यमिता और वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड’ का शुभारंभ किया। यह महत्वाकांक्षी पहल, जिसे आमतौर पर ‘जीविका निधि’ के नाम से जाना जाता है, बिहार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक नया अध्याय है।
इस योजना के तहत, पीएम मोदी ने 105 करोड़ रुपये की पहली किश्त सीधे ऑनलाइन ट्रांसफर की। यह पहल लाखों महिलाओं को कम ब्याज दरों पर समय पर ऋण तक पहुंच प्रदान करेगी, जिससे उनकी महंगे माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) पर निर्भरता कम हो जाएगी।
क्या है बिहार की ‘जीविका निधि’ योजना?
जीविका निधि बिहार में ‘जीविका’ स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups- SHGs) से जुड़ी महिलाओं के लिए एक नया को-ऑपरेटिव फेडरेशन है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण महिला उद्यमियों को कम ब्याज दरों पर आसानी से और बड़े पैमाने पर फंड मिल सके।
- लक्ष्य: निजी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले ऊंचे ब्याज (18-24%) से महिलाओं को बचाना।
- डिजिटल मॉडल: यह पूरा सिस्टम डिजिटल होगा, जिससे फंड का ट्रांसफर सीधे “जीविका दीदियों” के बैंक खातों में तेजी और पारदर्शिता से होगा।
- फंडिंग: शुरुआती पूंजी के रूप में ₹105 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर इस संस्था को फंड देंगे।
क्यों है ‘जीविका निधि’ एक गेम-चेंजर?
सालों से, ग्रामीण महिलाएं अपने छोटे-छोटे व्यवसायों को बढ़ाने के लिए क्रेडिट की कमी से जूझ रही थीं। जीविका निधि इस समस्या का सीधा समाधान करती है, जिसके कई फायदे हैं:
- कम ब्याज दरें: निजी प्लेयर्स की तुलना में बहुत कम दरों पर लोन मिलने से महिलाएं अपना प्रॉफिट मार्जिन बढ़ा पाएंगी और बिजनेस में ज्यादा निवेश कर पाएंगी।
- आर्थिक स्वतंत्रता: इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई entrepreneurial लहर आने की उम्मीद है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाएगी।
- डिजिटल साक्षरता: पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म होने से न केवल काम में पारदर्शिता और तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में भी डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए लगभग 12,000 community workers को टैबलेट दिए गए हैं।
- SHGs को मजबूती: यह पहल सभी रजिस्टर्ड क्लस्टर-लेवल फेडरेशनों को नए को-ऑपरेटिव का सदस्य बनाकर ‘जीविका’ SHG नेटवर्क को और भी मजबूत करेगी।
PM मोदी का विजन: ‘जीविका’ से ‘आत्मनिर्भर भारत’
इस लॉन्च से सरकार के “आत्मनिर्भर भारत” और “महिला-नेतृत्व वाले विकास” के विजन को मजबूती मिलती है। ‘जीविका’ प्रोजेक्ट पहले ही बिहार में महिला-संचालित उद्यमों का एक vibrant ecosystem बना चुका है। जीविका निधि का जुड़ना इस इकोसिस्टम के लिए एक मजबूत आर्थिक रीढ़ (financial backbone) का काम करेगा।
प्रधानमंत्री द्वारा सीधे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर करना एक प्रतीकात्मक लेकिन शक्तिशाली संकेत है, जो दर्शाता है कि सरकार नौकरशाही की बाधाओं को दरकिनार करके सीधे लाभार्थियों को सशक्त बनाना चाहती है।
आगे क्या?
अनुमान है कि बिहार की लगभग 20 लाख महिलाएं इस योजना से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। इस ऐतिहासिक उद्घाटन कार्यक्रम को राज्य के सभी 38 जिलों में लाइव दिखाया गया। योजना से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए आप ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) और बिहार रूरल लाइवलीहुड्स प्रमोशन सोसाइटी (BRLPS) के आधिकारिक पोर्टलों पर जा सकते हैं।
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निष्कर्ष: एक समृद्ध बिहार की ओर एक महत्वपूर्ण कदम
जीविका निधि सिर्फ एक वित्तीय योजना नहीं है; यह बिहार की महिलाओं के उद्यमशील जज्बे में एक बड़ा भरोसा है। उन्हें सफल होने के लिए आवश्यक पूंजी और सहायता प्रदान करके, सरकार न केवल व्यक्तिगत जीवन को बदल रही है, बल्कि एक अधिक समृद्ध और समावेशी राज्य की नींव भी रख रही है। यह पहल इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे टेक्नोलॉजी-ड्रिवन पहलें स्थायी सामाजिक और आर्थिक बदलाव ला सकती हैं।
FAQ
Q1. बिहार जीविका निधि क्या है?
बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड’ एक नई वित्तीय संस्था है जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में ‘जीविका’ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को कम ब्याज पर लोन और वित्तीय सेवाएं देने के लिए लॉन्च किया है।
Q2. ₹105 करोड़ का इस्तेमाल कैसे होगा? प्रधानमंत्री द्वारा ट्रांसफर किए गए शुरुआती ₹105 करोड़ सहकारी संघ (cooperative) की शुरुआती पूंजी के रूप में काम करेंगे। यह राशि सीधे महिला उद्यमियों और SHGs को कम ब्याज वाले लोन देने के लिए इस्तेमाल होगी, जिससे उनकी महंगे निजी माइक्रोफाइनेंस संस्थानों पर निर्भरता कम हो जाएगी।
Q3. जीविका निधि योजना के लिए कौन पात्र है? इस योजना का लाभ विशेष रूप से बिहार में ‘जीविका’ स्वयं सहायता समूहों और उनके रजिस्टर्ड क्लस्टर-लेवल फेडरेशनों की महिला सदस्यों को मिलेगा।
Q4. महिलाएं इस योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कैसे कर सकती हैं? लोन के लिए आवेदन और वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। महिलाएं अपने संबंधित जीविका SHGs और क्लस्टर-लेवल फेडरेशनों के माध्यम से लोन के लिए आवेदन कर सकेंगी, जो इस नए सहकारी संघ के सदस्य हैं। इस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
Q5. जीविका निधि का उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके बिजनेस, खेती-बाड़ी और स्वरोजगार के लिए एक टिकाऊ, पारदर्शी और सस्ते लोन का स्रोत प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।
Q6. क्या यह कोई नई पहल है या किसी पुरानी योजना का विस्तार है? बिहार में ‘जीविका’ प्रोजेक्ट पिछले कई सालों से चल रहा है। ‘जीविका निधि’ एक नया सहकारी संघ है जो ‘जीविका’ SHG के मौजूदा नेटवर्क को एक समर्पित वित्तीय रीढ़ (financial backbone) प्रदान करता है, जिससे उनकी कम लागत वाले क्रेडिट की सबसे बड़ी जरूरत पूरी होती है।

नमस्कार! मेरा नाम दिव्या कुमारी है, और मैं बिहार से हूँ। एक ब्लॉगर और यूट्यूबर के रूप में, मैं डिजिटल दुनिया में अपने अनुभव और जुनून के साथ लगातार कुछ नया सीखने और साझा करने की कोशिश कर रही हूँ। मेरे पास 3 से अधिक वेबसाइट्स पर काम करने का अनुभव है, जिसमें मैंने विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार की है।
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