PM Awaas Yojana–Gramin 2029 तक बढ़ी — अब बनेंगे 2 करोड़ और पक्के घर!

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण को 2029 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस दौरान 2 करोड़ और ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रामीण भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है! केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है।

मोदी कैबिनेट के इस अहम फैसले के बाद, अब यह योजना मार्च 2029 तक जारी रहेगी। इसका सीधा मतलब है कि जिन गरीब परिवारों को अभी तक पक्का घर नहीं मिल पाया है, अब उनका सपना भी पूरा होगा। सरकार ने इस विस्तारित अवधि में 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा है।

आइये जानते हैं इस अपडेट की पूरी जानकारी, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में।

PMAY-G क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले बेघर लोगों या कच्चे/जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर उपलब्ध कराना है।

इस योजना के तहत सरकार लाभार्थियों को घर बनाने के लिए सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

योजना 2029 तक क्यों बढ़ाई गई?

हालांकि लाखों घर पहले ही बनाए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी कई पात्र परिवार ऐसे हैं जो इस लाभ से वंचित हैं।

  • लक्ष्य: ‘सभी के लिए आवास’ (Housing for All) के संकल्प को पूरा करना।
  • नया टारगेट: अगले 5 सालों में 2 करोड़ नए पक्के घर बनाए जाएंगे।
  • बुनियादी सुविधाएं: सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि उज्ज्वला योजना (गैस), सौभाग्य (बिजली) और हर घर जल जैसी योजनाओं का लाभ भी इन घरों के साथ दिया जाएगा।

महत्वपूर्ण नोट: सरकार ने निगरानी को सख्त कर दिया है। अब डिजिटल मॉनिटरिंग (Digital Monitoring) के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घर समय पर बनें और पैसा सही जगह इस्तेमाल हो।

फंडिंग मॉडल और लाभ: आपको कितना पैसा मिलेगा?

PMAY-G के तहत दी जाने वाली राशि पहाड़ी और मैदानी इलाकों के लिए अलग-अलग होती है:

क्षेत्रसहायता राशि (लगभग)
मैदानी क्षेत्र (Plains)₹1.20 लाख
पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र (Hilly/Difficult Areas)₹1.30 लाख

अतिरिक्त लाभ:

  • शौचालय के लिए: स्वच्छ भारत मिशन के तहत ₹12,000 अलग से।
  • मजदूरी: मनरेगा (MGNREGA) के तहत लाभार्थी को 90-95 दिनों की अकुशल मजदूरी का भुगतान भी मिलता है।

किसे मिलेगा फायदा? (पात्रता)]

सरकार का फोकस उन परिवारों पर है जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद हैं। पात्रता मुख्य रूप से SECC 2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) के आंकड़ों और Awaas+ सर्वे पर आधारित है।

प्रमुख पात्रता शर्तें:

  • परिवार जिसके पास कोई पक्का घर न हो।
  • बेघर परिवार या एक/दो कमरों के कच्चे मकान में रहने वाले।
  • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अल्पसंख्यक वर्ग।
  • जिस परिवार में कोई 25 वर्ष से अधिक आयु का साक्षर वयस्क न हो।

आवेदन और प्रक्रिया

इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें बिचौलियों का कोई काम नहीं है। प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।

  1. ग्राम सभा द्वारा चयन: लाभार्थियों की सूची ग्राम सभा द्वारा सत्यापित की जाती है।
  2. रजिस्ट्रेशन: ग्राम पंचायत या ब्लॉक स्तर पर अधिकारी आपका पंजीकरण करते हैं।
  3. जियो-टैगिंग: घर निर्माण के विभिन्न चरणों की फोटो ‘AwaasSoft’ या ‘AwaasApp’ के माध्यम से अपलोड की जाती है।
  4. सीधा भुगतान (DBT): किश्तें सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आती हैं।

अगला कदम (Call to Action)

“क्या आपका भी पक्का घर अभी तक नहीं बना? अपने ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव से संपर्क करें और जानें कि क्या आपका नाम नई सूची में है।”

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. PMAY-G कितने साल के लिए बढ़ाई गई है?
यह योजना मार्च 2029 तक, यानी अगले 5 साल के लिए बढ़ा दी गई है।

Q2. इस दौरान कितने नए घर बनाए जाएंगे?
सरकार ने 2 करोड़ नए पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा है।

Q3. कौन आवेदन कर सकता है?
मुख्य रूप से वे ग्रामीण परिवार जो SECC 2011 की सूची या Awaas+ सर्वे में शामिल हैं और जिनके पास पक्का मकान नहीं है।

Q4. क्या मुझे घर बनाने के लिए लोन भी मिल सकता है?
जी हां, लाभार्थी चाहें तो वित्तीय संस्थानों से ₹70,000 तक का लोन ले सकते हैं।

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