प्रयागराज में महा-घोटाला: दो मंजिला मकान के मालिक भी बन गए ‘गरीब’, सरकार ने लिस्ट निकाली तो उड़े होश!

देखकर चौंक जाएंगे! प्रयागराज में प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक का सबसे बड़ा फ्रॉड। पक्के मकानों के मालिकों ने खुद को बेघर बताकर करोड़ों की सब्सिडी हड़प ली।

प्रयागराज PMAY महा-घोटाला: दो मंजिला मकानों के मालिक भी बन गए ‘गरीब’, 9000 धोखेबाजों से होगी पाई-पाई की वसूली!

Prayagraj PMAY Scam: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सरकारी योजनाओं में हो रहे भ्रष्टाचार की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आपका खून खौल उठेगा। यहाँ गरीबों के हक पर डाका डालते हुए 9,000 से ज़्यादा अमीर और अपात्र लोगों ने खुद को फ़र्ज़ी तौर पर बेघर बताकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के ₹108 करोड़ से ज़्यादा डकार लिए।

सबसे शर्मनाक बात? जब जांच हुई तो पता चला कि सब्सिडी लेने वालों में कई लोग पहले से ही दो-दो मंजिला मकानों के मालिक थे। यह घोटाला सिर्फ पैसों की लूट नहीं, बल्कि उन हज़ारों मजबूर परिवारों के सपनों की हत्या है, जो आज भी एक पक्की छत के लिए तरस रहे हैं।

सिस्टम को दिया धोखा, ऐसे हुआ ये पूरा फ्रॉड

इस घोटाले को इतने शातिर तरीके से अंजाम दिया गया कि पहली नज़र में पकड़ना मुश्किल था।

  • बोला सफेद झूठ: इन धोखेबाजों ने झूठे शपथ पत्र (False Affidavits) देकर खुद को “भूमिहीन” और “बेघर” घोषित कर दिया।
  • पैसा खाते में, निर्माण ज़ीरो: सब्सिडी की पहली किश्त सीधे बैंक खातों में आते ही इन लोगों ने घर बनाने की जगह पैसा अपनी जेब में रख लिया।
  • सर्वे में खुली पोल: जब अधिकारी ज़मीन पर सर्वे करने पहुँचे, तो सच्चाई देखकर उनके भी होश उड़ गए। कई लाभार्थी आलीशान घरों में रहते मिले।

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “जब हम सर्वे करने गए तो एक लाभार्थी के घर के बाहर कार खड़ी थी और उसने भी आवास के लिए सब्सिडी ले रखी थी। यह देखकर हम हैरान रह गए।”

CDO के एक्शन से मचा हड़कंप, अब होगी पाई-पाई की वसूली!

मामला सामने आते ही प्रयागराज के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने इस पर सख्त एक्शन लिया है। अब इन फ़र्ज़ी गरीबों की खैर नहीं।

अधिकारियों पर गिरेगी गाज: CDO ने साफ़ कर दिया है कि जिन सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से यह घोटाला हुआ, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।

रिकवरी नोटिस जारी: सभी 9,000 अपात्र लाभार्थियों को रिकवरी के लिए नोटिस भेजे जा चुके हैं।

FIR की तैयारी: जो लोग पैसा वापस नहीं करेंगे, उन पर FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एक तरफ धोखेबाज़, दूसरी तरफ असली हक़दार

यह घोटाला इसलिए और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि जहाँ अमीर लोग गरीबों का हक़ मार रहे थे, वहीं प्रयागराज के हज़ारों असली बेघर परिवार आज भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई परिवार हैं जो बारिश में टपकती छत के नीचे रहने को मजबूर हैं, लेकिन उनका नाम लिस्ट में नहीं आया।

कैसे रुकेंगे ऐसे घोटाले?

प्रयागराज का यह मामला पूरे देश के लिए एक बड़ी चेतावनी है। ऐसे फ्रॉड रोकने के लिए अब कुछ ठोस कदम उठाने ही होंगे:

  1. जियो-टैगिंग और फिजिकल वेरिफिकेशन: सब्सिडी देने से पहले लाभार्थी की लोकेशन की जियो-टैगिंग और घर का फिजिकल वेरिफिकेशन अनिवार्य हो।
  2. डिजिटल क्रॉस-चेकिंग: लाभार्थी के आधार को उसके प्रॉपर्टी और बैंक रिकॉर्ड से लिंक करके क्रॉस-चेक किया जाए।
  3. अधिकारियों की सीधी जवाबदेही: जिस अधिकारी ने आवेदन पास किया, घोटाले की स्थिति में उसकी सीधी जवाबदेही तय हो।

यह देखना ज़रूरी है कि सरकार इन धोखेबाजों से वसूली कर पाती है या नहीं, और क्या असली गरीबों को उनका हक़ मिल पाएगा।

इस महा-घोटाले पर आपकी क्या राय है? क्या सिर्फ़ पैसा वापस लेना काफी है या इन धोखेबाजों को जेल भी भेजा जाना चाहिए? नीचे कमेंट्स में अपनी राय ज़रूर दें/

Also Read :

अगर आपको हमारी यह खास रिपोर्ट पसंद आई हो और आप ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों और सनसनीखेज खुलासों से अपडेट रहना चाहते हैं, तो हमारे काम को अपना समर्थन दें!

इस पोस्ट को लाइक करें ताकि हमें पता चले कि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी।

हमारे पेज/ब्लॉग को अभी फॉलो करें ताकि आप कोई भी ज़रूरी अपडेट मिस न करें।

इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस घोटाले के बारे में जान सकें और जागरूक बनें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top