PMFME योजना के तहत 1.61 लाख से अधिक माइक्रो-फूड-प्रोसेसिंग यूनिट्स को आर्थिक व तकनीकी सहायता दी गई है। जानिए 35% सब्सिडी और आवेदन की पूरी जानकारी।
भारत में छोटे खाद्य व्यवसायों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए एक शानदार खबर है!
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने PMFME Scheme Latest News जारी करते हुए बताया है कि अक्टूबर 2025 तक देश भर में 1,61,072 माइक्रो-फूड प्रोसेसिंग उद्यमों को सहायता मंजूर (Sanctioned) की जा चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि कैसे सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ (Vocal for Local) को एक बड़ी क्रांति में बदल रही है।

अगर आप भी अचार, पापड़, आटा चक्की या बेकरी जैसा कोई छोटा उद्योग चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
1. PMFME योजना क्या है?
PM Formalisation of Micro food processing Enterprises (PMFME) केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है। इसका उद्देश्य असंगठित (Unorganized) खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को संगठित और आधुनिक बनाना है। आसान शब्दों में, यह योजना छोटे दुकानदारों और गृह-उद्योगों को बड़ा ब्रांड बनने में मदद करती है।
2. नए अपडेट में क्या खास है?
ताज़ा रिपोर्ट (PMFME 2025 Update) के मुताबिक, सरकार ने अक्टूबर 2025 तक 1.61 लाख से ज्यादा आवेदनों को मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि इतने लोगों को अपना बिज़नेस बढ़ाने, नई मशीनें खरीदने और बेहतर पैकेजिंग के लिए सरकारी मदद मिल चुकी है।
यह Micro Enterprise Scheme India के तहत अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, जिससे सीधा फायदा ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को हुआ है।
3. कितनी सब्सिडी दी जा रही है? (Food Processing Subsidy 2025)
इस योजना का सबसे आकर्षक हिस्सा इसकी सब्सिडी है। अगर आप इसके तहत लोन लेते हैं, तो आपको क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी (Credit-Linked Subsidy) मिलती है:
- सब्सिडी की दर: प्रोजेक्ट लागत का 35%।
- अधिकतम सीमा: ₹10 लाख तक की सब्सिडी।
- लाभ: बाकी की राशि के लिए बैंक से आसान किस्तों पर लोन मिलता है।
यानी, अगर आप 10 लाख रुपये की मशीनरी लगाते हैं, तो सरकार आपको लगभग 3.5 लाख रुपये की छूट देगी!

4. SHGs और FPOs को कैसे लाभ?
PMFME केवल अकेले व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि यह Self Help Groups (SHGs) और FPOs के लिए भी गेम-चेंजर है:
- Seed Capital: स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों को छोटे उपकरण खरीदने के लिए ₹40,000 प्रति सदस्य की दर से सीड कैपिटल (Seed Capital) दी जाती है।
- ब्रांडिंग और मार्केटिंग: सरकार FPOs और SHGs को उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए भी अलग से फंड देती है ताकि वे अपने सामान को बड़े मार्किट में बेच सकें।
5. Food-processing Sector पर असर और ग्रामीण रोजगार
Farmer Food Processing Loan Yojana के रूप में भी लोकप्रिय हो रही इस स्कीम ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल दी है।
- इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
- किसानों की उपज की बर्बादी कम हुई है।
- ‘One District One Product’ (ODOP) के तहत हर जिले के खास उत्पादों (जैसे बिहार का मखाना, यूपी का आम) को ग्लोबल पहचान मिल रही है।
6. आवेदन कैसे करें?
अगर आप भी उन 1.61 लाख सफल उद्यमियों में शामिल होना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- पोर्टल पर जाएं: PMFME की आधिकारिक वेबसाइट ( http://pmfme.mofpi.gov.in) पर जाएं।
- रजिस्टर करें: “Online Registration” पर क्लिक करें और अपनी जानकारी भरें।
- ODOP चुनें: अपने जिले के ODOP प्रोडक्ट (या अन्य प्रोडक्ट) के लिए आवेदन करें।
- DPR सबमिट करें: अपने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट और बैंक डिटेल्स अपलोड करें।
सरकार के ये आंकड़े बताते हैं कि PMFME योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर काम कर रही है। 1.61 लाख लोगों ने फायदा उठाया है, अगला नंबर आपका हो सकता है।
Also read:
- PMKSY का बड़ा अपडेट — FPOs और स्टार्टअप्स के लिए फिर खुला नया मौका! (PMKSY 2025 Update)
- PM Ujjwala Yojana 2025: सरकार का बड़ा तोहफा — 25 लाख नए LPG कनेक्शन को मंज़ूरी!
- PM-Kisan से बाहर हुए 70 लाख किसान — जानें हटाए जाने की बड़ी वजह!
- PM Viksit Bharat Rozgar Yojana से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर — राज्यों को केंद्र का नया निर्देश!
अगर आप भी अपनी छोटी फूड यूनिट को बड़ा बनाना चाहते हैं, तो देर न करें — PMFME पोर्टल पर आज ही विजिट करें और अप्लाई करें!
FAQs: आपके सवाल
Q1: क्या पुरानी दुकान या यूनिट के लिए भी लोन मिलेगा? Ans: जी हाँ, यह योजना मौजूदा माइक्रो यूनिट्स के अपग्रेडेशन (सुधार) और नई यूनिट्स की स्थापना, दोनों के लिए है।
Q2: क्या इसके लिए कोई ट्रेनिंग मिलती है? Ans: बिल्कुल! सरकार लाभार्थियों को फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और हाइजीन की मुफ्त ट्रेनिंग भी देती है।
Q3: अधिकतम लोन कितना मिल सकता है? Ans: प्रोजेक्ट की लागत कितनी भी हो सकती है, लेकिन 35% सब्सिडी अधिकतम ₹10 लाख तक ही सीमित है।

नमस्कार! मेरा नाम Raj Blogger है, और मैं बिहार से हूँ। एक ब्लॉगर और यूट्यूबर के रूप में, मैं डिजिटल दुनिया में अपने अनुभव और जुनून के साथ लगातार कुछ नया सीखने और साझा करने की कोशिश कर रहा हूँ। मेरे पास 8 से अधिक वेबसाइट्स पर काम करने का अनुभव है, जिसमें मैंने विभिन्न प्रकार की सामग्री तैयार की है।
मुझे सरकारी योजनाओं, सरकारी नौकरियों, और लेटेस्ट खबरों से संबंधित जानकारी पर लिखने में विशेष रुचि है। इन विषयों पर गहराई से जानकारी प्राप्त करना और उसे आसान और उपयोगी तरीके से पाठकों के सामने प्रस्तुत करना मेरी प्राथमिकता है।
मैं अपने ब्लॉग और यूट्यूब चैनल के माध्यम से आपको नई और अद्यतन जानकारी प्रदान करने का प्रयास करता हूँ। मेरा उद्देश्य है कि मैं आपको सही और सटीक जानकारी प्रदान कर सकूँ, ताकि आप अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में बेहतर ढंग से सक्षम हो सकें।








